शनिवार, 27 जून 2009

मेरा बनाया तैल चित्र

निश्छल मातृत्व

8 टिप्‍पणियां:

प्रकाश गोविन्द ने कहा…

ये आपका बनाया चित्र है ???

विश्वास नहीं होता
बहुत ही सुन्दर
जितनी भी तारीफ़ करूँ कम है

आपकी कला हर जगह पहचानी जाए
यही शुभकामना व्यक्त करता हूँ

आज की आवाज

प्रकाश गोविन्द ने कहा…

कृपया वर्ड वैरिफिकेशन की उबाऊ प्रक्रिया हटा दें !
लगता है कि शुभेच्छा का भी प्रमाण माँगा जा रहा है।
इसकी वजह से प्रतिक्रिया देने में अनावश्यक परेशानी होती है !

तरीका :-
डेशबोर्ड > सेटिंग > कमेंट्स > शो वर्ड वैरिफिकेशन फार कमेंट्स > सेलेक्ट नो > सेव सेटिंग्स

AlbelaKhatri.com ने कहा…

shabdon k khilaadi k paas

shabd nahin hai

kyonki koi bhi upma is chitra ki

uplabdh nahin hai

__________________ABHINANDAN !

बिहार भक्ति ने कहा…

sundar

रवि कुमार, रावतभाटा ने कहा…

बेहद कलात्मक ब्लॉग...शुभकामनाएं...

नारदमुनि ने कहा…

gajab.narayan narayan

राजेंद्र माहेश्वरी ने कहा…

swagat hai

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।